
दोपहर का वक्त, वॉर्नर पैराडाइस,
जिया बहोत ही नाजुक थी क्युकी स्मृति और अखिलेश उसे हद से ज्यादा पैम्पर करते थे। छोटी सी खरोच भी उसे बर्दाश नहीं होती थी।

दोपहर का वक्त, वॉर्नर पैराडाइस,
जिया बहोत ही नाजुक थी क्युकी स्मृति और अखिलेश उसे हद से ज्यादा पैम्पर करते थे। छोटी सी खरोच भी उसे बर्दाश नहीं होती थी।
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